स्लीप एप्निया क्या है ? / What is Sleep Apnea?

स्लीप एप्निया क्या है ?

स्लीप एप्निया एक ऐसी दिक्कत है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की सांस उस समय कुछ देर के लिए रुक जाती है, जब वह सो रहा हो। इस दौरान उनके शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। सांस टूटने से उनकी आंख खुल जाती है और उठते ही वह तेजी से हांफने लगता है।

इस समस्या से ग्रस्त कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें जागने पर इस बात का अहसास भी नहीं होता कि सोते समय उन्हें सांस नहीं आ रही थी इसलिए वे तेजी से सांस ले रहे हैं और अजीब घबराहट महसूस कर रहे हैं।

स्लीप एपनिया कुछ हद तक खर्राटे लेने की तरह होती है, जिसमें कई लोगों को यह पता ही नहीं चल पाता कि सोते समय वे खर्राटे ले रहे थे। अगर स्लीप एपनिया का समय रहते पता ना चले तो यह कई दूसरी परेशानियों का कारण बन सकता है।

जैसे, पूरी रात सोने के बाद भी सुबह के समय थकान महसूस होना, दिनभर आलस बने रहना, मानसिक समस्याएं होना, डाइजेशन ठीक से ना होना, यादाश्त पर असर, कब्ज बने रहना साथ ही हर्ट फेलियर जैसी स्थिति के लिए कंडीशंस तैयार करने की वजह भी हो सकता है।

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परहेज और आहार

लेने योग्य आहार

  • ताजे फल और सब्जियाँ तथा साबुत अनाज अधिक मात्रा में लें।
  • कम वसायुक्त डेरी उत्पाद।
  • स्वास्थ्यवर्धक वसा जैसे जैतून का तेल।
  • जहां तक हो सके वीगन आहार एवं शाकाहारी आहार को दिनचर्या में शामिल करें।
  • रेशेदार आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ, सलाद और फल।
इनसे परहेज करें
  • चाय और कॉफ़ी तथा कैफीनयुक्त सभी उत्पाद।
  • तामसिक आहार (माँसाहारी भोजन, तले या खमीरीकृत या बासी भोजन)।
  • माँस, मक्खन और प्रोसेस्ड आहार।

योग और व्यायाम

गले के व्यायाम हवा के मार्ग में स्थित माँसपेशियों को मजबूत बनाकर स्लीप एप्निया की गंभीरता को कम करते हैं, और उनके ध्वस्त होने की संभावना घटाते हैं।

  • अपनी जीभ को अपने मुख की छत (तालू) के विरुद्ध सपाट टिका दें और ऊपरी हिस्से और बाजु में ब्रश करें। ब्रश करने की क्रिया पाँच बार दोहराएँ, ऐसा दिन में तीन बार करें।
  • दिन में एक बार तीन मिनट के लिए अपनी जीभ को तालू से चिपकाएँ और तालू पर जीभ से दबाव डालें।
  • मुँह के भीतर एक तरफ ऊँगली रखें। ऊँगली को गाल के विपरीत रखें और ठीक उसी समय गाल की माँसपेशियों को भीतर खींचें। 10 बार दोहराएँ, विराम लें, और फिर दूसरे गाल पर करें। इस पूरी प्रक्रिया को तीन बार करें।
  • अपने होंठों को चुम्बन की अवस्था में बंद कर लें। अपने होठों को जोर लगाकर साथ रखें और पहले ऊपर दाहिनी और 10 बार ले जाएँ, फिर ऊपर बाएँ 10 बार ले जाएँ। यह प्रक्रिया तीन बार करें।
  • अपने होंठों को गुब्बारे पर रखें। नाक से गहरी साँस लें और मुँह से हवा बाहर निकालते हुए गुब्बारे को जितना हो सके उतना फुलाएँ। गुब्बारे को मुँह से हटाए बिना इसे पाँच बार दोहराएँ।

एरोबिक गतिविधियाँ (पैदल चलना, तैरना, बाइकिंग), शक्ति प्रशिक्षण (वजन उठाना), और लचीलापन (स्ट्रेचिंग) बढ़ाने वाले व्यायाम उचित वजन बनाए रखने में सहायक होते हैं।
योग- मेरु वक्रासन

घरेलू उपाय (उपचार)

  • रात्रि के भोजन और सोने के बीच कम से कम 2 घंटों का अन्तराल रखें और पेट को हलका रखकर सोएँ।
  • व्यायाम के नियमित कार्यक्रम का पालन करें।
  • नींद के नियमित समय का पालन करें।
  • पीठ के बल ना सोते हुए करवट के बल सोएँ।
  • रात के समय अपने नाक के मार्गों को सलाइन स्प्रे, नाक का मार्ग को फ़ैलाने वाली औषधियां, श्वास लेने की पट्टिकाएँ, या नेति पात्र के प्रयोग द्वारा खुला रखें।
  • अपने बिस्तर के सिरे को चार से छः इंच ऊँचा रखें या फोम के टुकड़ों के प्रयोग द्वारा अपने कमर के हिस्से को ऊँचा उठा लें। आप गर्दन हेतु विशेष प्रकार के तकिये का प्रयोग भी कर सकते हैं।

तो दोस्तों आशा है कि आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आया होगा। इसी तरह के आर्टिकल भविष्य में आपके लिए और लेकर आऊंगा।

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