Why Magnesium in diet ?

What is Magnesium?

मैग्नीशियम एक ‘चमत्कारी मिनरल’ है। यह जीवित जीवों की सभी कोशिकाओं व टिश्यू में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पाया जाता है और कई महत्वपूर्ण जैविक कार्यों को करता है। शरीर में यह नौवां सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला मिनरल है। मानव शरीर में मैग्नीशियम की 20 से 28 ग्राम मात्रा होती है, जिसमें से आधे से अधिक मात्रा हड्डियों में, कैल्शियम और फॉस्फोरस के साथ-साथ जमा हो जाती है।

शरीर में कुल जमा मैग्नीशियम का लगभग पांचवा हिस्सा कोमल ऊतकों में कोशिकाओं के अंदर होता है जहाँ यह मुख्य रूप से प्रोटीन से जुड़ा (यौगिक) होता है। शरीर में इसकी कमी होने पर हड्डियों में जमा मैग्नीशियम से इसकी आपूर्ति होने लगती है। लंबे समय से शराब पीने वाले व्यक्तियों के रक्त में मैग्नीशियम का स्तर सामान्य से काफी कम होता है और मूत्र में इसकी काफी हानि होती है, इसलिए इन्हें मैग्नीशियम के अतिरिक्त सेवन की जरुरत होती है।

कार्य  

मैग्नीशियम शरीर में कई एंजाइम प्रणालियों (विशेषतः वह जो ऊर्जा का उत्पादन करती हैं। का एक अनिवार्य हिस्सा होता है। मैग्नीशियम तंत्रिकाओं के आका (नर्व इंपल्स) के संचार और मसल्स की गतिविधियों को सामान्य रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है। सोडियम और पोटेशियम के साथ-साथ मैग्नीशियम भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह शरीर में कैल्शियम के उपयोग में मदद करता है इसलिए मैग्नीशियम की क्षति से शरीर में कैल्शियम का स्तर भी कम हो जाता है। यह मूत्र में कैल्शियम की घुलनशीलता को बढ़ाकर किडनी में  कैल्शिया के जमाव को रोकता है और इस प्रकार से किडनी में पथरी बनने से बचाव करता है। मैगनीशियम कॉलेस्ट्रॉल के उत्पादन को घटाकर दिल की बीमारियों से रक्षा करता है। यह डिप्रेशन को भी दूर करता है।  

कमी के लक्षण

मैग्नीशियम सभी खाद्य पदार्थो में व्यापक रूप से पाया जाता है, लेकिन आमतौर पर इसकी कमी सीमित आहार लेने के कारण होती है। 

क्वाशिओरकोर रोग प्रोटीन और कैलोरी की कमी) से ग्रसित बच्चे, लंबे समय से शराब पीने वाले व्यक्ति, डायबिटीज, किडनी की बीमारी, मेटाबोलिक सिंड्रोम व उच्च रक्तचाप से ग्रस्त व्यक्तियों में मैग्नीशियम की कमी अक्सर देखी जाती है।  

मैग्नीशियम की अधिक समय तक कमी रहने के कारण तंत्रिकाओं और मसल्स की कार्यक्षमता की हानि, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, किडनी (गुर्दे) में पथरी, मानसिक भ्रम, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और रक्त में कैल्शियम का निम्न स्तर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

स्त्रोत

नट्स, सोयाबीन, सीफूड, पालक, अल्फाअल्फा, सेब, अंजीर, आडू, बादाम, ब्राउन (छिलके सहित) चावल, सूरजमुखी के बीज, कहू के बीज और तिल के बीज  

आवश्यकता

मैग्नीशियम का WHO द्वारा रिकमेंडेड डेली अलाऊंस पुरुषों के लिए 260 मिलीग्राम और महिलाओं के लिए 220 मिलीग्राम है।

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