शाकाहारी आहार / Vegetarian Diet

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शाकाहारी आहार (Vegetarian Diet) में पौधों से प्राप्त शाकाहारी खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, दालें, फलियां, फल-सब्ज़ियां, नट्स और दूध से बने उत्पाद खाये जाते हैं। भारत में सदियों से शाकाहारी आहार (Vegetarian Diet) खाने की परंपरा रही है परंतु पश्चिमी देशों की तरह अब भारत में भी वेस्टर्न डाइट तेजी से अपनाई जा रही है।वेस्टर्न डाइट अक्सर बड़ी मात्रा में पशुओं से प्राप्त आहार पर आधारित होती है और उसमें प्रचुर मात्रा में सेचुरेटेड फैट होते हैं उसमें अनसेचुरेटेड फैट और स्वास्थ्यकारी ओमगा-3 फैट की कमी रहती है।

क्या हम ऐसा आहार व जीवन शैली अपना कर स्वस्थ हो रहे हैं? हेल्थ से जुड़े आंकड़ों के अनुसार एक तरफ तो रोगों की चिकित्सा का खर्व बेतहाशा बढ़ रहा है, दूसरी ओर, लगातार बिगड़ती जीवन शैली से मोटापा, डायबिटीज़, व हृदय-रोग तेजी से पांव पसार रहे हैं। जीवनशैली से जुड़े इन रोगों से बचाव के लिए अच्छी लाइफस्टाइल के साथ-साथ स्वास्थ्यकारी आहार अपनाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।  

शाकाहार: एक स्वास्थ्यकारी आहार

स्वास्थ और न्यूट्रीशन के क्षेत्र में नई तकनीकों व शोधों के द्वारा हमें ज्ञात हुआ है कि प्राकृतिक रूप से उपलब्ध व खासकर पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थ ही सच्चे अर्थों में मानव आहार हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ शारीरिक कार्यो के लिए जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर और स्वास्थ्यकारी होते हैं।

एक संतुलित शाकाहार पोषक तत्वों से भरपूर, पौधों से बने खाद्य पदार्थों पर आधारित होता है और रिफाइंड, प्रोसेस्ड फूड, ऑयल, दूध और उसके उत्पादों का उपयोग करता है। इस आहार में प्रचुर मात्रा में कच्ची व पकाई गई सब्जियां, विभिन्न फल, फलियां, मटर, दाल, सोयाबीन, थोड़े बीज व नट्स शामिल होते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में आहार के विभिन्न रोगों से संबंध पर गहन शोध से सिद्ध हुआ है कि एक संतुलित शाकाहार पर्याप्त पोषण देता है और उनके साथ धीरे-धीरे पनपने वाली कई बीमारियों का जोखिम भी घटाता है। शाकाहारी लोग अपने आहार से मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन बी1, बी2, वी (फोलेट), आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में प्राप्त कर पाते हैं।

लो फैट, स्वास्थ्यकारी शाकाहारी आहार लेने से मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, हृदय-रोग व कैंसर जैसे रोगों व उनके कारण होने वाली असमय मृत्यु से बचाव होता है। शाकाहार से प्राप्त कैलोरीज़ को जला पाना सुगम होता है. शरीर में फैट का जमाव कम होता है व शारीरिक वजन को सामान्य रखने में मदद मिलती है।

पर्याप्त मात्रा व उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्राप्त करने के लिये हमें भिन्न भिन्न प्रकार के शाकाहारी आहार लेना जरूरी है। नट्स, सोयाबीन, बीन्स, दालें, ओट्स, बादाम, अखरोट, आदि प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी सोतों से संपूर्ण प्रोटीन प्राप्त करने के लिए सोयाबीन एक अन्य विकल्प है।

सोयाबीन के सत्व से प्राप्त आइसोलेटेड सोया प्रोटीन में लगभग 90% शुद्ध प्रोटीन होता है तथा शाकाहारी खाद्य स्रोतों में यह प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है।

वीगन आहार यानि पूर्णत: पौधों पर आधारित आहार (प्लांट बेस्ड डाइट)

ऐसा आहार जिसमें सिर्फ अनाज, फल-सब्जियां, बीज, आदि ही हों व पशुओं से प्राप्त कोई भी तत्व या उनसे बनी कोई खाद्य सामग्री आंशिक रूप से भी शामिल न हो, वीगन आहार (प्लांट बेस्ड डाइट) कहलाता है। पूर्णत:पौधों पर आधारित आहार (प्लांट बेस्ड डाइट) लेने वाले वीगन लोग मांस-मछली व अंडों के अलावा दूध व दूध से बने उत्पादों का सेवन भी नहीं करते।

बढ़ती उम्र के साथ होने वाली कई क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम शाकाहार भी घटाता है लेकिन दूध-दही व दूध से बनी चीजों से भी रहित, पूर्णत: पौधों पर आधारित वीगन डाइट लेने से मोटापे, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय-रोग व कॉलेस्ट्रॉल की अधिकता से और भी ज्यादा बचाव होता है। वीगन डाइट में रिफाइंड कार्बोहाईड्रट की जगह साबुत अनाज, सेचुरेटेड व ट्रांस फैट की जगह अनसेचुरेटेड फैट और मांसाहारी प्रोटीन की जगह प्लांट बेस्ड प्रोटीन लेने से विभिन्न रोगों से बचाव होता है।

वीगन आहार शारीरिक वज़न को सामान्य रखने व स्लीप एपनिया (नींद का विकार) से बचाव में मददगार सिद्ध हुआ हैं। फल-सब्जियों के भरपूर सेवन व साबुत अनाज लेने से लकवे व कैंसर का खतरा भी घटता है। वीगन आहार आंतों में प्रोबायोटिक्स (लाभकारी बैक्टीरिया) की संख्या बढ़ाने व गठिया रोग से आराम दिलाने में भी फायदेमंद है। अमेरिकन डायटेटिक एसोसियेशन के अनुसार एक सुनियोजित वीगन डाइट जीवन के किसी भी चरण में या किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए उपयुक्त है।

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लेकिन वीगन डाइट लेने वाले लोगों को आहार में विटामिन डी, विटामिन बी12, कैल्शियम, ओमेगा-3. आयोडीन, जिंक, आयरन प्रोटीन, आदि पोषक तत्वों को पर्याप्त मात्रा में लेने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अनाज के साथ-साथ उचित मात्रा में विभिन्न दालों, फलियों, मटर, बीजों, फलों, हरी सब्ज़ियों और उच्च गुणवत्ता के शुद्ध सोया प्रोटीन के सेवन से हम पर्याप्त मात्रा में सभी एसेंशियल एमीनो एसिड्स से युक्त संपूर्ण प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं व रक्त में हानिकारक कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को भी सामान्य रख सकते हैं। एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमारा प्रयास केवल शाकाहारी या वीगन बनने का नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्यकारी, संतुलित, अनुशासित और पोषक शाकाहार अपनाने का होना चाहिए।

पोषक तत्व शाकाहारी वीगन खाद्य पदार्थ मांसाहारी खाद्य पदार्थ
कोलेस्ट्रॉल (मि. ग्रा.)137
फैट (ग्राम)436
प्रोटीन (ग्राम)3334
बीटा -कैरोटीन (माइक्रोग्राम)29,91917
डायट्री फाइबर (ग्राम)31
विटामिन सी (ग्राम)2934
फोलेट (माइक्रोग्राम)116819
विटामिन ई (मि. ग्रा.)/ α-TE टोको फेरॉल के बराबर ) 110.5
आयरन (मि. ग्रा.)202
मैग्नीशियम (मि. ग्रा.)54851
कैल्शियम (मि. ग्रा.)545252
शाकाहारी व मांसाहारी खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों की संरचना (500 कैलोरी ऊर्जा वाले आहार में)
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