डीएचए क्या है? | What is DHA?

DHA क्या है? (Docosahexaenoic Acid) | What is DHA?

नमस्कार मित्रों ! स्वागत है आप सभी का फिर से Wellimmunity वेबसाइट पर आज हम जानेंगे कि वन्डर न्यूट्रिएंट्स डीएचए क्या हैं? कैसे यह आपके सेहत के लिए फायदेमंद है और इसका उपयोग कैसे करे?

तो आइये जानते हैं कि वन्डर न्यूट्रिएंट्स डीएचए क्या है? डीएचए एक आवश्यक ओमेगा 3 फैटी एसिड है जो मस्तिष्क के मुख्य बिल्डिंग ब्लॉक होते है। गर्भस्थ शिशुओं से लेकर वयस्कों तक सभी के लिए डीएवाए की पर्याप्त आपूर्ति स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है। ऐसा माना जाता रहा है कि Fish (मछली)  डीएचए का एक मुख्य स्रोत है। यह ओमेगा 3 फैटी एसिड्स के निर्माण के लिए प्रारंभिक स्रोत है।

DHA कहाँ से प्राप्त होता है? Where is DHA obtained?

असल में मछली के शरीर में डीएचए नहीं बनता बल्कि वह सूक्ष्म शैवालों को खा कर डीएचए प्राप्त करती है। तो डीएचए लेने के लिए हम मछली या मछली का तेल क्यों खाएं जब सूक्ष्म शैवाल (समुद्री पौधे) में डीएचए होता है और यह एक शाकाहारी स्रोत भी है? डीएचए शिशुओं के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत ज़रूरी होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का लगभग 70% विकास हो जाता है।

सूक्ष्म शैवाल → मछली → मछली का तेल → ओमेगा 3 फैटी एसिड डीएचए

What is DHA?
What is DHA?

गर्भवती महिलाओं के लिए DHA क्यों जरूरी है? | Why is DHA Important for Pregnant Women?

गर्भवती स्त्री द्वारा लिया गया डीएचए गर्भ में पल रहे शिशु के ब्रेन में इकट्ठा हो जाता है व उनके ब्रेन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिशुओं के जन्म के बाद शुरू के दो वर्षों में भी उनके मस्तिष्क का बड़ी तेजी से विकास होता है इसलिए शिशुओं के लिए डीएचए की आपूर्ति व गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान माताओं को मिलने वाला न्यूट्रीशन भूण व शिशुओं के विकास में एक मुख्य भूमिका निभाता है। विकासशील भ्रूण और नवजात शिशुओं का शरीर डीएचए नहीं बना सकता। अत: वे इसके लिए अपनी माताओं पर निर्भर होते हैं। वे गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा द्वारा और जन्म के बाद माँ के दूध से डीएचए प्राप्त करते हैं। माँ के रक्त में डीएचए की मात्रा और गर्भ में पल रहे बच्चे की आंखों व ब्रेन के विकास में सीधा संबंध सिद्ध हुआ है। गर्भावस्था व स्तनपान कराने के दौरान माँ में डीएचए का सप्लीमेंटेशन भूण और शिशुओं के लिए डीएचए की उपलब्धता बढ़ाता है और उनके विकास के कई आयामों जैसे आंखों, हाथों और मांसपेशियों की छोटी-जेटी गतिविधियों के तालमेल का कौशल और किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने की अवधि में सुधार कर सकता है।

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गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए डीएचए की 400 मिग्रा मात्रा के दैनिक सेवन की सिफारिश की गई है। इस मात्रा की आपूर्ति दिनभर में डीएचए की 200 मि.ग्रा. मात्रा के 2 केप्सूल लेकर की जा सकती है। क्योंकि अधिकांश मानसिक विकास जन्म से 6 वर्ष की आयु तक होता है इसलिए जन्म से इस आ तक डीएचए बच्चों के लिए जरूरी होता है. गर्भावस्था में  व जन्म के बाद शुरू के दो वर्षों तक शिशु अपनी माँ के दूध से डीएचए प्राप्त करते हैं लेकिन 2 वर्ष की आयु के बाद उनके लिए ऊपरी आहार से डीएचए प्राप्त करना ज़रूरी होता है। 

चूंकि विभिन्न खाद्य पदार्थों में पर्याप्त डीएचए नहीं होता, अत: जन्म के बाद 2 वर्ष तक के बच्चों को रोज़ाना सूक्ष्म शैवाल से प्राप्त 50 मिग्रा डीएचए न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट द्वारा देना चाहिए। 2 से 6 वर्ष तक के बच्चों को डीएचए की 100 मिग्रा मात्रा का सप्लीमेंट रोज़ देना चाहिए। ब्रेन के विकास में मदद के अलावा 50 मिग्रा प्रतिदिन डीएचए का सेवन ब्रेन को कार्यशील बनाने के लिए रेकमेंडेड है। डीएचए बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता और संज्ञानात्मक कार्यों में भी सुधार करता है।

मस्तिष्क के विकास में DHA की भूमिका | Role of DHA in brain development

डीएचए वयस्कों की सामान्य मानसिक कार्यक्षमता के लिए भी जरूरी है व उसे बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। व्यस्कों के ब्रेन में डीएचए की कमी से उम्र के साथ होने वाली सोचने-समझने की क्षमता की हानि बढ़ती है व तंत्रिका तंत्र को धीमे-धीमे नष्ट करने वाले अल्जाइमर रोग का जोखिम बढ़ता है। कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को घटाकर हृदय गति और रक्तचाप को सामान्य रखने और हृदय का स्वास्थ्य सुधारने में भी डीएचए अहम भूमिका निभाता है।

जीवन के सभी चरणों में डीएचए एक महत्वपूर्ण न्यूट्रीएंट है इसलिए हमें डीएचए से भरपूर आहार ज़रूर लेना चाहिए। डीएचए बहुत कम खाद्य पदार्थों में होता है, इसलिए शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए डीएचए युक्त सप्लीमेंट लेना चाहिए। मांसाहारी स्रोत से प्राप्त जिलेटिन स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है, इसलिए हमें बिना जिलेटिन के बने वेजिटेरियन कैप्सूल वाले डीएचए सप्लीमेंट्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके स्वास्थ्यकारी लाभों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को रोज़ 200 मिलीग्राम डीएचए लेना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से यह भी सिद्ध हो गया है कि गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी इसका सेवन सुरक्षित है।

मुझे विश्वास है की DHA के बारे में यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। अगर आपको DHA युक्त बच्चों और व्यस्क के लिए उपयुक्त नुट्रिएंट्स प्रोडक्ट्स के बारे में जानना है तो आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं।

Manish Yadav

मनीष यादव (8770399209)

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