टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन क्या है ? | What are Testosterone and Estrogen Hormones?

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)

Testosterone Estrogen Hormone
Testosterone Estrogen Hormone

टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) मनुष्यों में पाया जाने वाला एक स्टेरॉयड हॉर्मोन है। यह मुख्यत: पुरुषों के अंडकोष द्वारा और कम मात्रा में महिलाओं के अंडाशय से स्त्रावित होता है। यह पुरुषों का मुख्य सेक्स हर्मोन है। 

पुरुषों में, टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) उनकी जननेन्द्रियों-अंडकोश और प्रोस्टेट ग्रंथि के साथ-साथ पुरुषोचित यौन परिपक्वता के गुणधर्मों के विकास व लक्षणों (मसल्स व हडियों की बढ़त, शारीरिक बालों का आना, आदि) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके कारण पुरुषों की आवाज मोटी व भारी होती है। यौन इच्छा का नियंत्रण शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के स्तर से होता है। 

इसके अलावा, स्वस्थ व तंदुरुस्त रहने के लिए भी टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) आवश्यक है। यह हड्डियों के घनत्व को बढ़ाता है। इसी कारण से पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस Osteoporosis (हड्डियों का खोखलापन) कम ही होता है। 

औसतन, वयस्क पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर वयस्क महिलाओं की अपेक्षा लगभग 7-8 गुना अधिक होता है। चूंकि पुरुषों में टेस्टेस्टेरोन (Testosterone) की मेटाबॉलिक हानि महिलाओं से ज़्यादा होती है अत:उनमें इसका दैनिक उत्पादन लगभग 20 गुना अधिक होता है। 

टेस्टोस्टेरोन की कमी से होने वाली परेशानी और उसके उपचार

कमीउपचार
बढ़ती उम्र के साथ साथ शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर घट जाता है। चूँकि यह शुक्राणुओं के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है, अतः इसकी कमी से पुरुषों की प्रजनन क्षमता और यौन इच्छा दोनों घाट जाती है। जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर काफी घट जाता है वे ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) रोग से भी ग्रसित हो सकते हैं। जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) की काफी कमी हो जाती है उनके लिए टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के बाहरी सप्लीमेंट का सेवन जरूरी होता है। 

एस्ट्रोजन (Estrogen)

Testosterone Estrogen Hormone
Testosterone Estrogen Hormone

एस्ट्रोजन (Estrogen) महिलाओं का मुख्य सेक्स हॉर्मोन है जो महिलाओं के जननांगों, उनकी जननेंद्रियों, प्रजनन प्रणाली और स्त्रियोचित यौन परिषक्वता के गुणधर्मो के विकास व उनके नियमन के लिए आवश्यक है। ये महिलाओं के अंडाशय (Ovary) से स्त्रावित होता है।

हालांकि एस्ट्रोजन (Estrogen) हर्मोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाये जाते हैं, लेकिन आमतौर पर प्रजनन योग्य महिलाओं में इनके उत्च शारीरिक स्तर होते हैं। यह महिलाओं के स्त्रियोचित यौन परिपक्वता के लक्षणों जैसे – स्तनों के विकास, गर्भाशय की आंतरिक परत की मोटाई को बढ़ाने में व उनके मासिक धर्म चक्र को नियमित रखने में मदद करते हैं।

प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)और एस्ट्रोजन (Estrogen), दोनों हार्मोन उर्वरीकृत/Fertilized (फर्टीलाईज्ड) अंडे के प्रत्यारोपण के लिए गर्भाशय की आंतरिक परतों को पहले से तैयार रखने और गर्भावस्‍था के दौरान गर्भाशय के कार्यों को सामान्य रखने में मदद करते हैं। शिशु को स्तनपान कराने की तैयारी के लिए गर्भवती महिला के स्तनों के उचित विकास में भी एस्ट्रोजन (Estrogen)अहम भूमिका निभाता है।

पुरुषों में, एस्ट्रोजन (Estrogen) शुक्राणुओं की परिपक्वता के लिए महत्वपूर्ण प्रजनन तंत्र के कुछ कार्यों को नियंत्रित करता है और स्वस्थ कामेच्छा के लिए भी आवश्यक हो सकता है। एस्ट्रोजन (Estrogen) महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

एस्ट्रोजन के स्तर में स्थिरता या इसके पुन: सामान्य होने पर प्रसव के पश्चात, मोनोपॉज / Menopause (रजोनिवृत्ति) के आसपास और मेनोपॉज़ (Menopause) के बाद होने वाले डिप्रेशन का त्वरित और प्रभावी निदान व स्वास्थ्य लाभ होता है।

हृदय रोगों से बचाव में भी एस्ट्रोजन (Estrogen) लाभकारी है क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कॉलेस्ट्रोल (Cholesterol) और ट्राइग्लिसराइड (Triglyceride)के स्तर को घटाता है व अच्छे कॉलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर में वृद्धि करता है। यही कारण है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम होती है। 

एस्ट्रोजन की कमी से होने वाली परेशानी और उसके उपचार

कमीउपचार
जिन महिलाओं में एस्ट्रोजन (Estrogen) का स्तर घट जाता है, उन्हें अनियमित मासिक धर्म व गर्भाधारण में कठिनाई जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। गर्भाशय की अंदरूनी परत की कमजोरी (भ्रूण के प्रत्यारायण के लिए जरूरी ताकत न होना) से गर्भवती महिलाओं को गर्भपात हो सकता है। मेनोपॉज के बाद महिलाएं ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के अलावा हॉट फ्लैशेस, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, अस्थिर मनोदशा जैसे लक्षणों से प्रभावित हो सकती हैं। शरीर से एस्ट्रोजन (Estrogen) के अचानक हटने, उसके स्तर के उतार-चढ़ाव तथा लंबे समय तक निरंतर एस्ट्रोजन (Estrogen) की कमी रहने से महिलाओं की मनोदशा में महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। सिंथेटिक Synthetic (मानव निर्मित) एस्ट्रोजन (Estrogen)  कुछ मुंह से लिए जाने वाले गर्भ लिरोधकों के भाग के रूप में और रजोनिवृत्त महिलाओं (वे महिलायें जिनका मेनोपॉज हो चुका है) के लिए एस्ट्रोजन (Estrogen)  रिप्लेसमेंट चिकित्सा में उपयोग किये जाते हैं। महिलाओं की मासिक चक्र संबंधी समस्याओं के लिए एस्ट्रोजन (Estrogen) द्वारा  उपचार किया जाता है। चूंकि मेनापॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) का स्तर काफी घट जाता है, इसलिए मेनोपॉज के बाद, ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) से बचाव और मेनोपॉज के लक्षणों जैसे – हॉट फ्लैशेस, योनि का सूखापन, तनाव में अनियंत्रित मूत्र-त्याग, ठिठुरना, चक्कर आना, थकान, चिड़चिड़ापन और पसीना आना, आदि के उपचार के लिए महिलाओं को एस्ट्रोजन (Estrogen) दिया जाता है। जिन महिलाओं को मेनापॉज की शुरुआत के 3 वर्ष के भीतर और उसके बाद 5 -10 वर्षों के लिए अतिरिक्त एस्ट्रोजन दिया जाता है, उनमें रीढ़ की हड्डी, कलाई और कूल्हों के फ्रैक्चर की संभावना 50% से 70% तक घट जाती है और रीढ़ की हड्डी का घनत्व 5% तक बढ़ जाता है। 

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